अर्णव तूफ़ान CYCLONE ARNAB
RENESHA IAS
BY RAVI SIR
(DIRECTOR RENESHA IAS)
9661163344
अर्नब तूफान (Cyclone Arnab) – 2026:
JPSC MAINS PAPER III
1. परिचय एवं मुख्य बिंदु
- प्रकृति: यह वर्ष 2026 के उत्तरी हिंद महासागर चक्रवात सीजन (North Indian Ocean Cyclone Season) का पहला नामित चक्रवाती तूफान था।
- अवधि व स्थान: पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न होकर 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश एवं यनम के तटों पर टकराया (Landfall)।
- विशेषता: वर्ष 2014 के बाद से बंगाल की खाड़ी में पोस्ट-मानसून (मानसून पश्चात) सीजन में उभरने वाले सबसे तीव्र एवं मजबूत चक्रवातों में से एक।
2. नामकरण (Naming)
- प्रस्तावित देश: बांग्लादेश द्वारा (WMO/ESCAP पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन्स की वर्ष 2020 की अद्यतन सूची के तहत)।
- शाब्दिक अर्थ: बंगाली भाषा में 'अर्नब' का अर्थ "समुद्र" या "महासागर" होता है।
- अगला संभावित नाम: सूची के अनुसार आगामी चक्रवात का नाम 'मुरासु' (भारत द्वारा प्रस्तावित) होगा।
3. मौसम संबंधी इतिहास एवं विकास क्रम (Meteorological History)
- 24 अक्टूबर 2026: पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) निर्मित हुआ।
- 25-26 अक्टूबर 2026: यह तीव्र होकर डीप डिप्रेशन और तत्पश्चात चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) में परिवर्तित हुआ।
- तीव्र प्रवर्धन (Rapid Intensification): मात्र 18 घंटे के भीतर यह 'अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान' (Very Severe Cyclonic Storm) में तब्दील हो गया।
- अधिकतम तीव्रता (Peak Intensity):
- IMD (भारतीय मौसम विज्ञान विभाग): 3-मिनट सतत् पवन गति ~155 किमी/घंटा; न्यूनतम केंद्रीय दबाव ~973 hPa।
- JTWC (संयुक्त तूफान चेतावनी केंद्र): 1-मिनट सतत् पवन गति के अनुसार श्रेणी-4 (Category 4) के समकक्ष (~220 किमी/घंटा)।
- लैंडफॉल (Landfall Process):
- समय: 28 अक्टूबर 2026 (प्रातः 2:00 बजे से 8:00 बजे IST के मध्य)।
- स्थान: आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापट्टनम के मध्य, यनम के दक्षिण-पश्चिम (लगभग 16.45^\circ\text{N}, 81.9^\circ\text{E}) में।
- लैंडफॉल के समय स्थिति: पवन गति 125–135 किमी/घंटा (झोंके 150 किमी/घंटा तक)।
- गतिशीलता: लैंडफॉल प्रक्रिया धीमी रही (लगभग 6 घंटे तक सिस्टम तट के समीप लगभग स्थिर बना रहा)।
- ह्रास (Dissipation):
- लैंडफॉल के बाद यह कमजोर होकर Severe Cyclonic Storm → Deep Depression (28-29 अक्टूबर) में बदला।
- 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ पर डिप्रेशन के रूप में केंद्रित हुआ और 30 अक्टूबर 2026 तक वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में विघटित हो गया।
4. प्रभाव एवं जन-धन की हानि (Impact & Damage)
(A) आंध्र प्रदेश (सर्वाधिक प्रभावित)
- प्रभावित क्षेत्र: विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकीनाडा, डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोणसीमा, और पश्चिम गोदावरी जिले।
- वर्षा: मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश (विशाखापट्टनम में कई स्थानों पर 200–300 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज)।
- अवसंरचनात्मक क्षति: हजारों पेड़ एवं बिजली के खंभे उखड़े; परिवहन, विद्युत और दूरसंचार नेटवर्क पूरी तरह बाधित।
- कृषि नुकसान: लगभग 3.25 लाख हेक्टेयर में लगी फसलें प्रभावित।
- मानवीय एवं आर्थिक क्षति: आधिकारिक पुष्टियों के अनुसार 5 से 9+ मौते दर्ज की गईं। प्रारंभिक अनुमानित आर्थिक नुकसान लगभग ₹4,600 करोड़ (~$480 मिलियन) आंका गया।
(B) ओडिशा व अन्य राज्य
- ओडिशा: गंजाम, गजपति और कोरापुट जैसे दक्षिणी जिलों में भारी बारिश, बाढ़ तथा नागावली एवं वंशधारा जैसी नदियों में उफान। भूस्खलन की घटनाओं से जनजीवन प्रभावित।
- अन्य प्रभाव: चेन्नई तक स्टॉर्म सर्ज (Storm Surge) का असर देखा गया। लगभग 50 ट्रेनें रद्द की गईं तथा विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम हवाई अड्डों पर 21 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं।
- कुल जनहानि: विभिन्न क्षेत्रीय रिपोर्टों के अनुसार कुल मौतों का आंकड़ा 13+ दर्ज किया गया।
(C) उत्तर-मानसून प्रभाव (Post-Landfall Impact)
- कमजोर अवशेषों के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मध्यम से भारी बारिश हुई। 31 अक्टूबर 2026 तक मुख्य प्रणाली पूरी तरह शांत हो गई।
5. आपदा प्रबंधन एवं रणनीतिक तैयारी (Disaster Management)
- सक्रिय पूर्व-तैयारी: IMD के सटीक पूर्वानुमानों के आधार पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा से 1.8 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों/राहत शिविरों में स्थानांतरित (Evacuate) किया गया।
- बचाव बल: NDRF और SDRF की कई टीमों को पूर्व-तैनात (Pre-deploy) किया गया।
- परिणाम: पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) और त्वरित प्रशासनिक प्रतिक्रिया के कारण ऐसी तीव्र श्रेणी के चक्रवात के बावजूद जनहानि अपेक्षाकृत बहुत सीमित रही।
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