आशिया सुल्ताना मामला और देशद्रोह से संबंधित मुद्दे THE HINDU HINDI ME

🌹RENESHA IAS🌹

BY..... ✍️ RAVI KUMAR... (IAS JPSC UPPSC INTERVIEW FACED)




🌹🌹 29/06/21🌹


🌹🌹 आशिया सुल्ताना मामला 🌹🌹

✍️ by RAVI SIR....

✍️  THE HINDU.... हिंदी में

🌹 मुख्य परीक्षा के संभावित प्रश्न🌹


लक्षदीप की फिल्म निर्माता आयशा सुलताना के खिलाफ देशद्रोह के मामले पर लक्ष्मी पुलिस द्वारा नोटिस जारी करने के विरुद्ध जब फिल्म निर्माता केरल हाई कोर्ट पहुंची... तो केरल हाई कोर्ट के द्वारा अगले 1 सप्ताह के लिए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है और को अग्रिम जमानत भी मिल गई है.

केरल हाईकोर्ट के अनुसार अग्रिम जमानत इसलिए स्वीकार की गई क्योंकि आयशा ने ( इंडियन पेनल कोड के)

1) न तो धारा 124 A का उल्लंघन किया है और ना ही धारा 153 B का उल्लंघन किया है.

2) धारा 124 A..... किसी भी देशद्रोही भाषण या लेखन के विरुद्ध... भारतीय कानून के द्वारा दंडित किया जा सकता है.

3) धारा 153 B...... राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य के विरुद्ध इस धारा के अंतर्गत दंड की व्यवस्था है.

🌹 घटना की पृष्ठभूमि 🌹

 केरल के एक समाचार चैनल के साथ एक चर्चा के दौरान लक्षदीप की पहली महिला और युवा फिल्म निर्माता.... आयशा सुल्ताना.... के द्वारा यह कहा गया कि

🌹 केंद्र सरकार ने लक्षदीप के लोगों के लिए एक जैविक हथियार भेज दिया है🌹

आयशा सुल्ताना का यह बयान लक्षदीप प्रशासन को रास नहीं आया.




 प्रशासन के अनुसार सुल्ताना के ऐसे बयानों से नजदीक में भारत और स्थानीय प्रशासन के प्रति असंतोष उत्पन्न हो सकता है.

आशिया सुल्ताना का कहना है कि...

यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि


" मैंने जैविक हथियार शब्द का प्रयोग प्रफुल्ल पटेल के लिए किया है.... मेरा कहने का यह कहीं से अर्थ नहीं था कि भारत सरकार लक्षदीप के लोगों पर... जैविक हथियार का प्रयोग कर रही है"

" भारत एक लोकतांत्रिक देश है और अपने सरकार से किसी भी मुद्दे पर असहमति होने पर उसके विरुद्ध आलोचना करने का पूरा अधिकार है"


इधर केरल हाई कोर्ट का कहना है कि सुल्ताना के बयान में ऐसा कुछ भी नहीं है जो सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा करता हो या लोगों को इसके खिलाफ उकसाता हो।

हलांकि पुलिस भी इस तथ्य से अनभिज्ञ नहीं थी इस कारण... लक्षदीप पुलिस के द्वारा गिरफ्तारी के लिए किसी तरह का वारंट जारी नहीं किया गया है. पुलिस के द्वारा मात्र एक नोटिस जारी किया गया है जो थाने में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण के सिवा और कुछ नहीं है.

लेकिन सुल्ताना को डर है कि वह लक्षदीप गई तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.

निश्चित रूप से

सरकार की नीति के खिलाफ मजबूत भाषण या लेखन किसी को देशद्रोह के लिए आरोपित करने के लिए पर्याप्त नहीं है. बल्कि  हिंसा के लिए उकसाना या सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा करने की प्रवृत्ति के आधार पर ही देशद्रोह से संबंधित मुकदमा दर्ज हो सकता है.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूण की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बैंच ने कहा था, ''हमारी राय ये है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, 153ए और 505 के मापदंडों के दायरे की व्याख्या की आवश्यक्ता होगी, ख़ासकर इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया के समाचार और जानकारियां देने के संदर्भ में...भले ही वो देश के किसी भी हिस्से में चल रही सत्ता के आलोचना में ही क्यों ना हों.''

सुल्ताना पर दर्ज किए गए मुक़दमे के संदर्भ में इस सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी का आख़िरी हिस्सा बेहद अहम है जहां सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, 'भले ही वो देश के किसी भी हिस्से में चल रही सत्ता के आलोचना में ही क्यों न हों.''

तिरूवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने एक ट्वीट में कहा है, 'हमारे लोकतंत्र में, सरकार की ऐसी आलोचना जिसमें हिंसा का आह्वान न किया गया हो, देशद्रोह नहीं है, ये ऐसा सिद्धांत है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार स्थापित किया है. विभिन्न राज्यों की पुलिस बार-बार इसकी अनदेखी करती है. ये मामला रद्द होना चाहिए.'

.... मैंने पिछले आर्टिकल में यह बताया था कि किस प्रकार
जबसे लक्ष्यदीप के प्रशासक के रूप में श्री प्रफुल्ल पटेल की नियुक्ति हुई है... तब से कई मुद्दों पर लक्षदीप की जनता और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है.

✍️ भूमि अधिग्रहण कानून

✍️ बाहरीयों के प्रवेश

✍️ मिड डे मील स्कीम में बीफ पर रोक

✍️ शराब दुकान को लाइसेंस देना

.... इसके बाद वहां के लोगों का असंतोष भड़क गया था.

जहां तक देशद्रोह के मामले में सुप्रीम कोर्ट का विचार है..

" तो हाल ही में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच गठित हुई थी... इस बेंच ने कहा था कि देशद्रोह से संबंधित धारा 124, 153 और 505 की पुनरव्याख्या करना
आवश्यक है....... किसी भी राजनीतिक या सरकारी निर्णय... देशद्रोह है या नहीं इसकी व्याख्या होना जरूरी है"

🌹🌹 प्रारंभिक परीक्षा
के लिए प्रश्न🌹🌹

1) सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किन किन धाराओं की पुनर व्याख्या की आवश्यकता बताई गई है?

2) केरल की किस फिल्म निर्माता पर देशद्रोह से संबंधित मुकदमे दर्ज हुए हैं?

3) केरल की इस युवा फिल्म निर्माता प्रयोग देशद्रोह के मुकदमे दर्ज हुए हैं... वे किन किन धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं?

4) लक्षदीप के प्रशासक कौन हैं? उनके किन किन निर्णयों के कारण लक्षद्वीप के लोगों के बीच असंतोष है?

🌹 मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न 🌹

1) केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप भारत के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है. हाल ही में वहां के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल के द्वारा जो निर्णय लिए गए हैं.. उन निर्णय को आप किस सीमा तक उचित मानते हैं? तर्क सहित उत्तर दें.

2) हाल ही में लक्षदीप की पहली महिला और युवा फिल्म निर्माता आशिया सुल्ताना देशद्रोह के मामले लक्ष्मी पुलिस के द्वारा दर्ज किए गए. क्या आप इसे उचित मानते हैं?
केरल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के द्वारा देशद्रोह के संदर्भ में हाल में दिए गए निर्देशों और आदेशों के संदर्भ में उत्तर दें..

✍️ BY RAVI SIR

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